PMEGP लोन योजना 2026: नए बिजनेस के लिए सरकार से पायें ₹50 लाख तक की मदद, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
हेलो दोस्तों मेरा नाम Mr.Dhaemesh Kumar है , ओर उम्मीद करता हूं आप सब खुश होंगे ओर आज हम बात करेंगे सरकार के PMEGP लोन योजना के बारे मे ओर आप नए बिजनेस के लिए सरकार से ₹50 लाख तक की मदद कैसे ले सकते हैं? इसके बारेमे डीटेल से बात करते हैं आइए, दोस्तों आज के इस आधुनिक युग में हर युवा का एक सपना होता है कि उसका अपना एक खुद का Business हो। लेकिन दोस्तों एक नए स्टार्टअप को शुरू करने के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा ‘Money’ यानी Investment की कमी होती है। , लेकिन आप टेंशन ना लो में इसी प्रॉब्लम का आपके लिए सॉल्यूशन लेकर आया हूं। दोस्तों मैंने कही बार अपने आस-पास ओर अगल बगल में ऐसे कई सारे प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी नजर से देखा है जिनके पास बेहतरीन आइडियाज तो हैं, लेकिन उनके पास पैसों की कमी के कारण वे अपने सपनों को हकीकत में नहीं बदल पाते हे। हमारे देश मैं इसी गंभीर समस्या के समाधान के रूप में हमारी भारत सरकार की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) योजना आपके लिए एक वरदान बनकर उभर सकती है।
दोस्तों 2025 के बाद वर्ष 2026 में इस योजना को और भी अधिक सरल बनाया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग “आत्मनिर्भर भारत” अभियान का हिस्सा बन सकें। दोस्तों इस योजना के अंतर्गत हमारी भारत सरकार न केवल कम ब्याज दर पर LOAN उपलब्ध कराती है, ओर एक बड़ा हिस्सा ‘सब्सिडी’ के रूप में माफ भी कर देती है। दोस्तों यदि आप भी 2026 में अपना नया Business शुरू करना चाहते हैं, ओर इस योजना का लाभ लेना चाहते हो तो यह विस्तृत गाइड आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होगी।
PMEGP स्कीम क्या है?
दोस्तों, अगर मैं बिल्कुल सरल भाषा में कहूँ, तो प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) केंद्र सरकार की एक ऐसी योजना है जो आपके ‘बिजनेस के सपने’ और ‘पूंजी की कमी’ के बीच के फासले को खत्म करती है। इसे MSME मंत्रालय चलाता है और राष्ट्रीय स्तर पर इसकी देखरेख ‘खादी और ग्रामोद्योग आयोग’ (KVIC) करता है।
मैंने अक्सर देखा है कि लोग इसे सिर्फ एक साधारण लोन समझते हैं, लेकिन असल में यह एक ‘क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी’ योजना है। इसका मतलब यह है कि सरकार न सिर्फ आपको बैंक से लोन दिलाने में मदद करती है, बल्कि उस लोन का एक बड़ा हिस्सा (सब्सिडी के रूप में) खुद चुकाती भी है। इस योजना का असली मकसद शहर और गाँव के उन हुनरमंद लोगों को पैरों पर खड़ा करना है, जिनके पास काम करने का जज्बा तो है पर पैसे नहीं। चाहे आप विनिर्माण (Manufacturing) में जाना चाहें या सेवा (Service) क्षेत्र में, यह स्कीम आपके लिए लॉन्चिंग पैड की तरह काम करती है।
आसान शब्दों में इसका गणित समझें
मान लीजिए आप अपनी खुद की कोई छोटी फैक्ट्री, दाल मिल या कोई वर्कशॉप खोलना चाहते हैं, तो सरकार आपको विनिर्माण क्षेत्र के लिए ₹50 लाख तक का बड़ा Loan (Loan) उपलब्ध कराती है। वहीं, अगर आपका मन रिपेयरिंग शॉप, क्लिनिक, ब्यूटी पार्लर या कोई डिजिटल सेंटर खोलने का है, तो आप सेवा क्षेत्र के तहत ₹20 लाख तक की मदद ले सकते हैं।
2026 में मैंने एक बड़ा बदलाव यह महसूस किया है कि सरकार अब कागजी खानापूर्ति से ज्यादा ‘महिला सशक्तिकरण’ और ‘ग्रामीण विकास’ पर जोर दे रही है। अब नियम ऐसे बनाए गए हैं कि गाँव की महिलाएं और युवा न केवल खुद आत्मनिर्भर बनें, बल्कि अपने साथ 4 और लोगों को रोजगार देकर ‘जॉब गिवर’ बनें। मेरी सलाह यह है कि अगर आप वाकई समाज में बदलाव लाना चाहते हैं और खुद का ब्रांड बनाना चाहते हैं, तो 2026 के इन नए नियमों का फायदा उठाना बिल्कुल न भूलें।
एलिजिबिलिटी: क्या आप इस लोन के लिए सही उम्मीदवार हैं?
दोस्तों, PMEGP योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने कुछ बुनियादी शर्तें रखी हैं। मैंने देखा है कि कई लोग बिना इन शर्तों को समझे सीधे अप्लाई कर देते हैं और बाद में रिजेक्शन झेलते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले इस चेकलिस्ट को ध्यान से पढ़ें ताकि आपका कीमती समय बर्बाद न हो:
- उम्र की कोई ऊपरी सीमा नहीं (Age Factor): इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि आपकी उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए, लेकिन अधिकतम उम्र की कोई सीमा नहीं है। मेरा अनुभव यह कहता है कि चाहे आप 20 साल के युवा हों या 50 साल के अनुभवी व्यक्ति, अगर आपके पास एक ठोस बिजनेस प्लान है, तो सरकार आपको सपोर्ट करेगी।
- शैक्षिक योग्यता (Education): यहाँ एक छोटा सा ‘पेंच’ है जिसे समझना जरूरी है। अगर आप विनिर्माण (Manufacturing) में ₹10 लाख से ऊपर या सेवा (Service) क्षेत्र में ₹5 लाख से ऊपर का प्रोजेक्ट लगा रहे हैं, तो आपका कम से कम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
प्रो-टिप: अगर आप 8वीं पास नहीं हैं, तो घबराएं नहीं! आप छोटे बजट के प्रोजेक्ट (जैसे 5-8 लाख रुपये) के लिए अभी भी आवेदन कर सकते हैं।
- सिर्फ नया बिजनेस (Fresh Start Only): यह योजना उन लोगों के लिए है जो शून्य से शुरुआत कर रहे हैं। यहाँ एक बड़ी चेतावनी है: PMEGP का लाभ केवल नई यूनिट (New Units) लगाने के लिए ही मिलता है। अगर आपका पहले से कोई बिजनेस चल रहा है और आप उसे बढ़ाना चाहते हैं, तो आप इसके पात्र नहीं होंगे। सरकार चाहती है कि इस पैसे से देश में नए स्टार्टअप्स और नए मालिक पैदा हों।
- संस्थागत पात्रता (Other Entities): सिर्फ आप अकेले ही नहीं, बल्कि स्वयं सहायता समूह (SHG), को-ऑपरेटिव सोसायटियाँ और चेरिटेबल ट्रस्ट (Charitable Trusts) भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स चेकलिस्ट: आवेदन से पहले की तैयारी
दोस्तों, अक्सर लोग जोश में आकर फॉर्म खोल लेते हैं, लेकिन आधे रास्ते में डॉक्यूमेंट न होने की वजह से उनका फॉर्म अटक जाता है। मेरा अनुभव यह कहता है कि कागजी कार्यवाही में एक छोटी सी गलती आपके महीनों की मेहनत पर पानी फेर सकती है। इसलिए आवेदन बटन दबाने से पहले, इन दस्तावेजों को डिजिटल फॉर्मेट (Scan Copy) में अपने पास संभाल कर रखें:
- आधार कार्ड (Aadhaar Card): यह आपकी पहचान और पते का सबसे बड़ा सबूत है। खास सलाह: सुनिश्चित करें कि आपके आधार में आपका मोबाइल नंबर लिंक हो, क्योंकि सारा वेरिफिकेशन (OTP) उसी पर आएगा।
खास सलाह: सुनिश्चित करें कि आपके आधार में आपका मोबाइल नंबर लिंक हो, क्योंकि सारा वेरिफिकेशन (OTP) उसी पर आएगा।
- पैन कार्ड (PAN Card): बिजनेस और बैंक ट्रांजेक्शन के लिए यह अनिवार्य है। अगर आपका पैन कार्ड अभी तक नहीं बना है, तो लोन के लिए अप्लाई करने से पहले इसे बनवा लें।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR – Detailed Project Report): यह इस पूरे आवेदन की ‘आत्मा’ है। इसमें आपके बिजनेस की ए-टू-जेड जानकारी होती है, जैसे—मशीन कितने की आएगी, कच्चा माल कहाँ से आएगा और आप कितना मुनाफा कमाएंगे। टिप: इसे किसी प्रोफेशनल से बनवाएं या KVIC के फॉर्मेट का ही पालन करें। एक कमजोर रिपोर्ट आपका लोन रिजेक्ट करा सकती है।
- जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate): अगर आप SC, ST, OBC या अल्पसंख्यक समुदाय से हैं, तो इसे बिल्कुल न भूलें। याद रखें, 10% से 25% तक की एक्स्ट्रा सब्सिडी इसी कागज की वजह से मिलती है, इसलिए इसे हल्के में न लें।
- शिक्षा प्रमाण पत्र (Education Certificate): जैसा कि मैंने पहले बताया, अगर लोन की राशि बड़ी है, तो आपकी 8वीं पास या उससे अधिक की मार्कशीट यहाँ लगानी होगी।
- ग्रामीण क्षेत्र प्रमाण पत्र (Population Certificate): यदि आप ग्रामीण क्षेत्र (Rural Area) से अप्लाई कर रहे हैं और 35% सब्सिडी चाहते हैं, तो ग्राम प्रधान या संबंधित अधिकारी द्वारा प्रमाणित जनसंख्या प्रमाण पत्र बहुत काम आता है।
- पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर: एक साफ फोटो और वह नंबर जो आप अगले 5 साल तक बदलने वाले नहीं हैं, क्योंकि बैंक के सारे मैसेज इसी पर आएंगे।
ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस: घर बैठे मोबाइल से आवेदन कैसे करें?
दोस्तों, आज के डिजिटल युग में आपको सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। PMEGP की पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन और पारदर्शी हो गई है। मैंने खुद जब इस पोर्टल को पहली बार देखा था, तो मुझे यह थोड़ा उलझा हुआ लगा था, लेकिन अगर आप इन स्टेप्स को फॉलो करेंगे, तो आप 20 मिनट में अपना फॉर्म भर लेंगे:
Step 1. आधिकारिक वेबसाइट पर पहुँचें: सबसे पहले अपने ब्राउज़र में kviconline.gov.in टाइप करें।
मेरी सलाह: हमेशा ओरिजिनल वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें। गूगल पर “PMEGP” सर्च करने पर कई नकली साइटें भी आती हैं, उनसे सावधान रहें।
Step 2. सही पोर्टल का चुनाव: होम पेज पर आपको कई विकल्प दिखेंगे, आपको ‘PMEGP Portal’ वाले बॉक्स पर क्लिक करना है। इसके बाद एक नया पेज खुलेगा जहाँ ‘Online Application Form for Individual’ का विकल्प होगा। अगर आप अकेले बिजनेस शुरू कर रहे हैं, तो इसी पर क्लिक करें।
Step 3. अपनी एजेंसी चुनें (KVIC vs DIC): यहाँ एक महत्वपूर्ण स्टेप आता है— ‘Sponsoring Agency’ चुनना।
Personal Tip: अगर आप ग्रामीण क्षेत्र से हैं, तो ‘KVIC’ चुनें और अगर आप शहर में बिजनेस करना चाहते हैं, तो ‘DIC’ (District Industries Centre) का चुनाव करना बेहतर होता है। यह चुनाव आपके लोन की सब्सिडी तय करने में मदद करता है।
Step 4.बारीकी से विवरण भरें: अपना आधार नंबर, नाम और बैंक का IFSC कोड बहुत ध्यान से भरें। मैंने देखा है कि लोग बैंक का नाम गलत भर देते हैं जिससे उनकी फाइल गलत ब्रांच में चली जाती है। सुनिश्चित करें कि आप उसी बैंक की ब्रांच चुनें जहाँ आपका पहले से खाता है या जहाँ के मैनेजर से आपकी जान-पहचान है।
Step 5. दस्तावेज और प्रोजेक्ट रिपोर्ट अपलोड: अब अपनी स्कैन की हुई फोटो, आधार और सबसे जरूरी— प्रोजेक्ट रिपोर्ट को अपलोड करें।
प्रो-टिप: फाइल का साइज 1 MB से कम रखें, वरना पोर्टल उसे स्वीकार नहीं करेगा।
Step 6. फाइनल सबमिट और पावती (Acknowledgment): सबमिट करने से पहले एक बार ‘Preview’ जरूर देख लें। सबमिट बटन दबाते ही आपको एक Application ID और Password मिलेगा। इसका स्क्रीनशॉट ले लें या इसे डायरी में नोट कर लें। यह आपके भविष्य में स्टेटस चेक करने के काम आएगा।
प्रो-टिप्स: बैंक से लोन पास कराने का “सीक्रेट” तरीका
अक्सर लोग ऑनलाइन फॉर्म तो भर देते हैं, लेकिन बैंक में उनकी फाइल अटक जाती है। मेरा व्यक्तिगत अनुभव यह कहता है कि आपको ये 3 काम जरूर करने चाहिए:
- बैंक मैनेजर से पहले मिलें: फॉर्म ऑनलाइन भरने से पहले अपने इलाके के उस बैंक मैनेजर से बात करें जहाँ आपका खाता है। उनसे पूछें कि क्या उनके बैंक का PMEGP का कोटा अभी खाली है? इससे लोन पास होने की संभावना 80% बढ़ जाती है।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट को रट लें: जब बैंक आपको इंटरव्यू के लिए बुलाए, तो आपको पता होना चाहिए कि आपकी मशीन कितने की है और आप हर महीने कितना बिजली का बिल भरेंगे। अगर आप जवाब नहीं दे पाए, तो बैंक समझेगा कि आप बिजनेस के लिए गंभीर नहीं हैं।
- साफ सुथरा सिबिल (CIBIL): सुनिश्चित करें कि आपका पिछला कोई लोन बकाया न हो। 700 से ऊपर का सिबिल स्कोर लोन मिलने की प्रक्रिया को मक्खन जैसा आसान बना देता है।
सब्सिडी और इंटरेस्ट टेबल
दोस्तों, PMEGP योजना की सबसे बड़ी ताकत इसकी सब्सिडी (छूट) है। मैंने कई नए उद्यमियों को देखा है जो सिर्फ लोन के ब्याज से डरते हैं, लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि सरकार उनके लोन का एक बड़ा हिस्सा खुद चुका रही है।
नीचे दी गई टेबल से आप आसानी से समझ सकते हैं कि आपको अपनी जेब से कितना पैसा लगाना होगा और सरकार आपको कितनी छूट देगी:
|
लाभार्थी श्रेणी |
अपना हिस्सा |
सरकारी छूट |
|---|---|---|
|
सामान्य (शहरी) |
10% |
15% |
|
सामान्य (ग्रामीण) |
10% |
25% |
|
महिला (शहरी) |
05% |
25% |
|
महिला (ग्रामीण) |
05% |
35% |
|
SC/ST (शहरी) |
05% |
25% |
|
SC/ST (ग्रामीण) |
05% |
35% |
|
OBC (ग्रामीण) |
05% |
35% |
|
पूर्व सैनिक/विकलांग |
05% |
35% |
मेरे अनुभव से एक जरूरी बात
दोस्तों, इस टेबल को देखकर घबराएं नहीं। मैंने कई बार देखा है कि लोग सोचते हैं कि उन्हें पूरा पैसा खुद ही जुटाना होगा, लेकिन असल में आपको सिर्फ 5% से 10% हिस्सा ही दिखाना होता है।
मेरी सलाह: अगर आप गांव से हैं, तो सब्सिडी का फायदा उठाने के लिए फॉर्म भरते समय “Rural” विकल्प ही चुनें। बहुत से लोग शहर के पास होने के चक्कर में “Urban” चुन लेते हैं और सीधा 10% सब्सिडी का नुकसान कर बैठते हैं। ऐसी गलती आप मत करना।
कॉमन मिस्टेक्स: फॉर्म रिजेक्ट क्यों होता है?
अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं कि, ‘सर, मेरा सब कुछ सही था फिर भी लोन रिजेक्ट क्यों हुआ?’ इसका सबसे कड़वा सच यह है कि बैंक सिर्फ आपके कागज नहीं, बल्कि आपके बिजनेस के प्रति गंभीरता को देखता है। अगर आप इंटरव्यू के दौरान अपने ही प्रोजेक्ट की Cost नहीं बता पाते, तो बैंक को लगता है कि आपने यह रिपोर्ट किसी कैफे से कॉपी कराई है।
अक्सर देखा गया है कि बहुत से लोग जोश में आकर आवेदन तो कर देते हैं, लेकिन छोटी-छोटी गलतियों के कारण उनका फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है। सबसे बड़ी गलती ‘Incorrect Project Report’ अपलोड करना है। मैंने अनुभव किया है कि लोग अक्सर इंटरनेट से किसी दूसरे शहर की रिपोर्ट कॉपी कर लेते हैं, जिसकी Cost उनके स्थानीय बाजार से मेल नहीं खाती। जब बैंक अधिकारी आपकी रिपोर्ट की समीक्षा करता है और उसे वास्तविकता से दूर पाता है, तो वह लोन आवेदन को अस्वीकार कर देता है।
दूसरी बड़ी गलती दस्तावेजों में नाम का मेल न होना है। यदि आपके आधार कार्ड और शैक्षणिक प्रमाण पत्र में नाम की स्पेलिंग अलग-अलग है, तो बैंक इसे संदिग्ध मान सकता है। इसके अलावा, कई Businessman यह नहीं जानते कि PMEGP केवल नए उद्योगों के लिए है; वे अपने पुराने चल रहे काम के लिए लोन मांगते हैं और रिजेक्शन झेलते हैं। हमेशा याद रखें कि आवेदन करने से पहले अपने क्षेत्र के जिला उद्योग केंद्र (DIC) से सलाह जरूर लें और अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट किसी प्रोफेशनल से ही तैयार करवाएं।
मेरी सलाह: अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट का एक-एक पन्ना खुद तैयार करें। उसमें यह स्पष्ट करें कि आप कच्चा माल (Raw Material) कहाँ से लाएंगे और अपना माल किसे बेचेंगे। अगर बैंक को आपके बिजनेस में ‘मुनाफा’ दिखेगा, तभी वो आपको ‘पैसा’ देगा।”
विशेष चेतावनी: ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे बचें?
- सावधान: इंटरनेट पर PMEGP के नाम पर दर्जनों फर्जी वेबसाइटें चल रही हैं। ये साइटें आपको कॉल करके लोन दिलाने के नाम पर 500 से 5000 रुपये तक की ‘फाइल चार्ज’ या ‘रजिस्ट्रेशन फीस’ मांगती हैं।
- सच्चाई यह है: PMEGP का आवेदन पूरी तरह निःशुल्क (Free) है। सरकार या बैंक कभी भी आपसे लोन के बदले शुरुआती पैसे नहीं मांगते। हमेशा सिर्फ Official Website (kviconline.gov.in) का ही उपयोग करें।
फ्यूचर स्कोप
सच्चाई तो यह है कि सरकारी सहायता प्राप्त स्टार्टअप्स का भविष्य भारत में आज जितना उज्ज्वल है, उतना पहले कभी नहीं था। PMEGP को सिर्फ एक ‘कर्ज’ या ‘लोन’ के नजरिए से मत देखिए; यह आपके बिजनेस की वो पहली सीढ़ी है जो आपको फर्श से अर्श तक ले जा सकती है। मेरा व्यक्तिगत अनुभव यह कहता है कि सरकार उन बिजनेस मेन को कभी अकेला नहीं छोड़ती जो ईमानदारी से काम करते हैं। यदि आप अपने पहले लोन को समय पर चुकाते हैं और अपने बिजनेस में ग्रोथ दिखाते हैं, तो सरकार आपको ‘सेकंड लोन’ (Second Loan) की जबरदस्त सुविधा देती है, जिसकी सीमा ₹1 करोड़ तक हो सकती है। 2026 के इस डिजिटल दौर में, अब आपको अपने माल को बेचने के लिए सिर्फ स्थानीय बाजार पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। सरकार अब ई-कॉमर्स दिग्गजों के साथ हाथ मिला रही है, ताकि आपके गांव या छोटे शहर में बना उत्पाद ग्लोबल मार्केट (Global Market) तक पहुंच सके।
अगले 5 साल: आपका बिजनेस और ब्रांडिंग (My Advice)
आने वाले 5 वर्षों में, जो छोटे स्टार्टअप्स आज PMEGP के जरिए जड़ें जमा रहे हैं, वे ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान की असली ताकत बनेंगे। मैंने कई छोटे कारीगरों को देखा है जो आज एक ब्रांड बन चुके हैं, क्योंकि उन्होंने सरकारी योजनाओं का सही तालमेल बिठाया। एक बार जब आप PMEGP का हिस्सा बन जाते हैं, तो आपके लिए मुद्रा (Mudra) और अन्य क्रेडिट गारंटी योजनाओं के दरवाजे अपने आप खुल जाते हैं, क्योंकि बैंक आप पर भरोसा करने लगता है।
मेरी एक खास सलाह याद रखिएगा: यदि आपके उत्पाद की क्वालिटी (Quality) दमदार है, तो आप सरकार के ‘जेम पोर्टल’ (GeM Portal) का लाभ जरूर उठाएं। इसके जरिए आप बिना किसी बिचौलिए के सीधे सरकारी विभागों को अपना माल बेच सकते हैं। कल्पना कीजिए, आपका बनाया हुआ फर्नीचर या मसाले सीधे किसी बड़े सरकारी दफ्तर में इस्तेमाल हो रहे हों—यह न सिर्फ आपके बिजनेस को नई ऊंचाई पर ले जाएगा, बल्कि आपको एक प्रतिष्ठित Businessman के रूप में स्थापित कर देगा।
मेरा फाइनल ओपिनियन
दोस्तों, मैंने यह आर्टिकल अपनी रिसर्च और सरकारी अधिकारियों से बातचीत के आधार पर लिखा है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम उन युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जो नौकरी मांगने वाले के बजाय नौकरी देने वाले बनना चाहते हैं। मेरा व्यक्तिगत सुझाव यह है कि योजना का लाभ लेने के लिए केवल सब्सिडी के पीछे न भागें, बल्कि एक ठोस बिजनेस प्लान के साथ मैदान में उतरें। यदि आपका इरादा पक्का है और आप मेहनत करने के लिए तैयार हैं, तो 2026 की यह नीति आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकती। कागजी कार्यवाही में ईमानदारी बरतें और बैंक के साथ अच्छे संबंध स्थापित करें।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
- क्या PMEGP लोन के लिए कोई गारंटी देनी पड़ती है? – नहीं, ₹10 लाख तक के Loan के लिए कोई कोलेटरल सुरक्षा (Guarantee) की आवश्यकता नहीं होती।
- सब्सिडी का पैसा कब मिलता है? – लोन डिस्बर्स होने के बाद, सब्सिडी राशि 3 साल के लिए बैंक के पास लॉक-इन पीरियड में रहती है और फिर आपके खाते में एडजस्ट हो जाती है।
- क्या मैं घर के पास दुकान खोलने के लिए लोन ले सकता हूँ? – हाँ, सेवा क्षेत्र के अंतर्गत आप दुकान या छोटा शोरूम खोल सकते हैं।
- EDP ट्रेनिंग क्या है? – यह एक उद्यमिता विकास कार्यक्रम है, जो लोन मिलने से पहले 10 दिनों के लिए अनिवार्य होता है।
- क्या एक परिवार से दो लोग आवेदन कर सकते हैं? – नहीं, एक परिवार (पति-पत्नी) से केवल एक ही व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकता है।
- लोन चुकाने की अवधि क्या होती है? – आमतौर पर 3 से 7 साल।
- क्या इसमें ब्याज दर कम होती है? – ब्याज दरें बैंक के प्रचलित दरों के अनुसार होती हैं, लेकिन सब्सिडी से बोझ कम हो जाता है।
- क्या मैं ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकता हूँ? – हाँ, KVIC पोर्टल पर अपनी आईडी से स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है।
- क्या ट्रेडिंग बिजनेस (सामान खरीदना-बेचना) इसके पात्र है? – नहीं, इसमें केवल मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर ही पात्र हैं।
- हेल्पलाइन नंबर क्या है? – आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने राज्य के DIC अधिकारी का नंबर प्राप्त कर सकते हैं।
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